
सरयू नदी का पानी चार मजरों तक पहुंचा, संकट में हजारों की आबादी
अंबेडकरनगर । सरयू नदी का जलस्तर भले ही मंगलवार को स्थिर रहा, लेकिन ग्राम पंचायत माझा कम्हरिया और अराजी देवारा के चार मजरों में पानी घुसने से लगभग नौ हजार की आबादी के बीच डर का माहौल बन गया है। बाढ़ की स्थिति के कारण ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। पशुपालकों के सामने चारे की कमी की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
मंगलवार को सरयू का पानी हंसू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा, कुर्मी प्रसाद का पूरा और पटपरवा निषाद बस्ती तक फैल गया। ग्रामीणों को आशंका है कि पानी जल्द ही इन मजरों की गलियों तक भी पहुंच सकता है, जिससे और गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। करीब आठ हजार लोगों की आबादी प्रभावित हो चुकी है, और पानी का स्तर बढ़ने की स्थिति में हालात और बिगड़ सकते हैं। पशुपालक भी चारे की कमी को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि बाढ़ के चलते उनके पास पशुओं को खिलाने के लिए पर्याप्त चारा नहीं है।
दर्शनगर और कुर्मी प्रसाद का पूरा का संपर्क मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। ग्रामीण नाव के सहारे ही आवाजाही कर रहे हैं, जिससे उनकी दिनचर्या और सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। कम्हरिया स्थित धर्मशाला और शिवमंदिर की सीढ़ियां भी पूरी तरह डूब चुकी हैं, जिससे पानी के अंदर तक घुसने का खतरा बना हुआ है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बाबा विश्वनाथ जूनियर हाईस्कूल बरोही पांडेय का पूरा को राहत केंद्र के रूप में पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। बाढ़ चौकी पर कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है, जबकि 11 नावों के 20 नाविकों और 28 गोताखोरों को अलर्ट मोड में रखा गया है।
एसडीएम सदानंद सरोज ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है और ग्रामीणों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। बाढ़ चौकी को सक्रिय कर दिया गया है, और पशुपालकों के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और जल्द ही राहत कार्यों को और तेज किया जाएगा।










